तेरी-मेरी राहें तो कभी एक थी ही नहीं – Hindi Dard Bhari Shayari
तेरी-मेरी राहें तो कभी एक थी ही नहीं, फिर शिकवा कैसा और शिकायत कैसी !! तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था खबर तो रहती सफर तय कितना करना है !! तेरी मोहब्बत की तलब थी तो हाथ फैला दिए वरना, हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं करते !! तेरी …
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